बढ़नी/सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और हथियारों की आवाजाही की आशंका के बीच बढ़नी चेक पोस्ट पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने रविवार रात बड़ी कार्रवाई की। भारत से नेपाल जा रहे एक चार पहिया वाहन की तलाशी में 7.62 एमएम पिस्टल और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए गए। वाहन सवार गोंडा के दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद ढेबरुआ पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
50वीं वाहिनी एसएसबी बलरामपुर की बढ़नी समवाय टीम सीमा पर नियमित जांच कर रही थी। उपनिरीक्षक प्रियंका यादव के नेतृत्व में जवानों ने नेपाल की ओर जा रहे वाहन को रोककर तलाशी ली। वाहन से पिस्टल और कारतूस मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में दोनों ने नेपाल घूमने जाने की बात कही। हथियार के संबंध में उनका कहना था कि पिस्टल गलती से वाहन में रह गई थी। हालांकि, सीमा पार करते समय वाहन में हथियार और कारतूस मिलने से सुरक्षा एजेंसियों की जांच का दायरा बढ़ गया है। हथियार कहां से आया, किसके नाम पर है और उसे नेपाल ले जाने का उद्देश्य क्या था, इन सवालों की पड़ताल पुलिस कर रही है।
पकड़े गए लोगों की पहचान गौरव कुमार सिंह (41) निवासी मलथुआ शाहजोत, थाना कोतवाली देहात, गोंडा और प्रमोद कुमार सिंह (50) निवासी आजाद नगर कॉलोनी, सिविल लाइंस-2, गोंडा के रूप में हुई है।एसएसबी ने दोनों आरोपियों को हथियार, कारतूस और वाहन समेत ढेबरुआ पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब बरामद हथियार की वैधता, आरोपियों के दस्तावेज, उनके आपसी संबंध और सीमा पार जाने के उद्देश्य समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
सीमा पर हथियारों की बरामदगी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। भारत-नेपाल सीमा पर वैध आवागमन के साथ तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर निगरानी सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। हालांकि, इस मामले में किसी संगठित गिरोह या आपराधिक नेटवर्क से संबंध की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।