धनगढी। नेपाल  सुदूरपश्चिम प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री त्रिलोचन भट्ट इन दिनों धनगढी के घरेलू चोक स्थित एक किराना दुकान में कारोबार करते दिखाई देते हैं। भट्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री पद से कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्होंने सरकारी वाहन और सुरक्षा सहित मिलने वाली सुविधाएं छोड़ दीं और करीब दो वर्ष पहले ‘न्यू प्रस्थान किराना पसल’ शुरू की।
मुख्यमंत्री रहते हुए भट्ट को सरकारी टोयोटा फॉर्च्यूनर और सुरक्षा की सुविधा मिली थी। वर्तमान में वह दुकान पर ग्राहकों को सामान देने, बिल बनाने और हिसाब-किताब देखने का काम करते हैं। दुकान के सामने प्रदेश प्रमुख का कार्यालय है, जहां सरकारी वाहनों की आवाजाही होती रहती है।
भट्ट के मुताबिक, पहाड़ में पैतृक घर और थोड़ी जमीन के अलावा उनके पास बड़ी संपत्ति नहीं है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रहते हुए बचाए करीब चार-पांच लाख रुपये तथा व्यापारियों से उधार लेकर किराना व्यवसाय शुरू किया।
मुख्यमंत्री के रूप में पांच वर्ष बिताने के बावजूद आर्थिक स्थिति को लेकर सवाल किए जाने पर भट्ट ने कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार और अनियमितता नहीं की। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के पारिश्रमिक से दैनिक खर्च के बाद बड़ी रकम बचाना संभव नहीं था। राजनीति को उन्होंने कमाई का माध्यम न बनाने का प्रण लिया था, ऐसा भी उन्होंने बताया।
डोटी के आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में जन्मे भट्ट ने आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। 14 वर्ष की उम्र में काम की तलाश में भारत गए और मुंबई की एक जापानी कंपनी में काम किया। वहीं से राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े। नेपाल लौटने के बाद कुछ समय खेती की और राजनीति में सक्रिय रहे।
2008 और 2013 के संविधानसभा चुनाव में उन्होंने तत्कालीन माओवादी पार्टी से चुनाव लड़ा, लेकिन निर्वाचित नहीं हुए। 2017 के प्रदेशसभा चुनाव में डोटी प्रदेशसभा क्षेत्र-2 से निर्वाचित हुए। इसके बाद वह संसदीय दल के नेता बने और 3 फरवरी 2018 को सुदूरपश्चिम प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री नियुक्त हुए। उन्होंने प्रदेश सरकार का पांच वर्ष का पहला कार्यकाल पूरा किया।
मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने अपनी दो बेटियों का दाखिला धनगढी के सरकारी विद्यालय में कराया था। उनका बेटा भी सरकारी विद्यालय में पढ़ा है।
भट्ट अभी सक्रिय राजनीति में हैं और नेकपा सुदूरपश्चिम के सह-इन्चार्ज हैं। उनका कहना है कि राजनीतिक कार्यकर्ता अक्सर योजनाओं और बजट से जुड़े काम के लिए उनसे संपर्क करते हैं, लेकिन वह उन्हें संबंधित सरकार और मंत्रियों से संपर्क करने की सलाह देते हैं।किराना व्यवसाय के अनुभव के बारे में भट्ट बताते हैं कि कुछ ग्राहक इस संकोच के कारण दुकान से लौट गए कि वहां पूर्व मुख्यमंत्री बैठे हैं। थोक व्यापारियों द्वारा उधार सामान देने में शुरुआती हिचकिचाहट का अनुभव भी उन्होंने साझा किया।
फिलहाल भट्ट का राजनीतिक जीवन जारी है और साथ ही वह किराना व्यवसाय भी चला रहे हैं। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सामान्य जीवन में लौटना उनके लिए पहले से तय निर्णय था