काठमांडू/हुम्ला। भोटेकोशी बाढ़ के बाद कैलाश-मानसरोवर तीर्थयात्रा की बुकिंग प्रभावित होने लगी है। पर्यटन व्यवसायियों के अनुसार हिल्सा नाका होकर सितंबर के अंत तक यात्रा की योजना बनाने वाले करीब चार हजार यात्रियों ने बुकिंग रद्द की है। इनमें लगभग 1,200 यात्रियों के वीजा जारी हो चुके थे। ये आंकड़े पर्यटन व्यवसायियों और एसोसिएशन ऑफ कैलाश टूर ऑपरेटर्स नेपाल (एक्टोन) द्वारा बताए गए हैं।
कैलाश-मानसरोवर यात्रा के लिए मई से सितंबर तक का समय प्रमुख माना जाता है। अगस्त और सितंबर में यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रहती है। इसी अवधि में हुम्ला के सिमकोट और हिल्सा में होटल, हवाई सेवा, हेलिकॉप्टर, भरिया और अन्य स्थानीय सेवाओं की मांग बढ़ती है।
व्यवसायियों का कहना है कि हिल्सा नाका से यात्रा की आवाजाही जारी है और बाढ़ के बावजूद भी इस मार्ग पर यात्रा पूरी तरह बंद नहीं हुई है। हालाँकि, भोटेकोशी बाढ़ की खबरों के बाद कुछ यात्रियों ने नेपाल की यात्रा को लेकर सावधानी बरतते हुए अपनी बुकिंग रद्द की है। एक्टोन के अनुसार करीब 35 ट्रैवल एजेंसियों से जुड़ी बुकिंग प्रभावित हुई हैं। संगठन ने इससे होने वाले आर्थिक प्रभाव का अनुमान कम से कम डेढ़ अरब नेपाली रुपये बताया है। यह राशि प्रत्यक्ष सरकारी राजस्व का आंकड़ा नहीं, बल्कि पर्यटन व्यवसायियों का अनुमान है।
बुकिंग में कमी का असर सिमकोट और हिल्सा के होटल कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। स्थानीय होटल व्यवसायियों के अनुसार सिमकोट के करीब एक दर्जन तथा हिल्सा क्षेत्र के लगभग 20 छोटे-बड़े होटल मुख्य रूप से तीर्थयात्रियों पर निर्भर रहते हैं। कुछ होटल संचालकों ने सितंबर तक की बुकिंग रद्द होने की जानकारी दी है।
हवाई सेवा भी इस तीर्थयात्रा से जुड़ी हुई है। पर्यटन सीजन में सिमकोट के लिए अतिरिक्त उड़ानें संचालित होती हैं और सिमकोट से हिल्सा के बीच हेलिकॉप्टर सेवा उपलब्ध रहती है। यात्रियों की संख्या घटने से उड़ानों और हेलिकॉप्टर सेवाओं की मांग में कमी आने की जानकारी स्थानीय विमानन अधिकारियों और व्यवसायियों ने दी है। इससे सामान ढुलाई और भरिया जैसे स्थानीय रोजगार भी प्रभावित होने की बात कही गई है।
इस यात्रा से होटल और परिवहन के अलावा स्थानीय उत्पादों की बिक्री को भी बाजार मिलता है। मार्सी चामल, फापर, कोदो, स्याउ और ओखर जैसे उत्पाद तीर्थयात्रियों द्वारा खरीदे जाते हैं। इसलिए बुकिंग में कमी का असर स्थानीय कारोबार पर पड़ने की आशंका है।
उपलब्ध स्थानीय आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष हिल्सा नाका से 5,614 तीर्थयात्री कैलाश–मानसरोवर पहुंचे थे। गत वर्ष यह संख्या करीब 6,500 बताई गई थी। भोटेकोशी बाढ़ के बाद अन्य मार्गों के प्रभावित होने से हिल्सा का महत्व बढ़ा है। हालांकि, बाढ़ के कारण यात्रा पर पड़े वास्तविक आर्थिक प्रभाव का अंतिम आकलन पर्यटन सिजन समाप्त होने और बुकिंग तथा कारोबार के समेकित आंकड़े उपलब्ध होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
भोटेकोशी बाढ़ के बाद कैलाश-मानसरोवर यात्रा की बुकिंग प्रभावित: नेपाल
करीब चार हजार यात्रियों के बुकिंग रद्द करने का दावा; हिल्सा के होटल और स्थानीय पर्यटन कारोबार पर असरI
परमात्मा प्रसाद उपाध्याय
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