काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री वालेन्द्र साह आज मंगलवार शाम संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क रवाना होंगे।लेकिन इस बार उनकी विदाई का अंदाज सरकारी प्रोटोकॉल की परंपरा से अलग होगा। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के वीआईपी लाउंज में न औपचारिक विदाई समारोह होगा, न नेपाली सेना का गार्ड ऑफ ऑनर और न ही लाउंज से विमान तक रेड कार्पेट बिछाया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री को विदाई देने के लिए मंत्रियों, सुरक्षा निकायों के प्रमुखों, वरिष्ठ अधिकारियों, राजनयिकों और राजनीतिक दलों के नेताओं को भी एयरपोर्ट नहीं बुलाया गया है। डीन ऑफ द डिप्लोमैटिक कॉर्प्स और नेपाल में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री का वाहन वीआईपी लाउंज से सीधे विमान पार्किंग क्षेत्र तक जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले की एक प्रमुख वजह भोटेकोशी की विनाशकारी बाढ़ के बाद देश में व्याप्त शोक है। प्रधानमंत्री ऐसे समय एयरपोर्ट पर किसी तरह का तामझाम नहीं चाहते। 10 भदौ (26 अगस्त 2026) को आई बाढ़ में अब तक 1,451 शव मिलने और 5,745 लोगों के संपर्कविहीन होने की जानकारी राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के हवाले से दी गई है।
बाढ़ के बाद शाह की न्यूयॉर्क यात्रा को लेकर पुनर्विचार भी हुआ था। हालांकि, अंततः उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में स्वयं उपस्थित होकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने नेपाल की स्थिति रखने का निर्णय लिया। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह गुरुवार को महासभा की ‘जनरल डिबेट’ को संबोधित करेंगे।  उसी दिन संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से उनकी मुलाकात प्रस्तावित है। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरे में शाह किसी द्विपक्षीय बैठक में शामिल नहीं होंगे।
प्रधानमंत्री मंगलवार शाम सात बजे कतार एयरवेज से दोहा होते हुए न्यूयॉर्क जाएंगे और शनिवार को काठमांडू लौटेंगे। विदेश मंत्री शिशिर खनाल पहले ही न्यूयॉर्क पहुंचकर विभिन्न देशों के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता शुरू कर चुके हैं। विदाई समारोह में कटौती को प्रधानमंत्री शाह की परंपरागत कूटनीतिक प्रोटोकॉल से अलग कार्यशैली के एक और उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।