सिद्धार्थनगर, 21 सितंबर। लोहिया कला भवन सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए विद्यालय प्रबंधकों और ट्रांसपोर्ट मैनेजरों को उत्तर प्रदेश मोटर यान (26वां संशोधन) नियमावली, 2019 के नियम 222-छ का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक विद्यालय में परिवहन सुरक्षा समिति का अनिवार्य गठन, वाहनों की फिटनेस, वैध परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस और चालकों के पुलिस सत्यापन के साथ चरित्र प्रमाण-पत्र व दृष्टि क्षमता की जांच सुनिश्चित की जाए। बसों में महिला परिचालक की व्यवस्था और समिति की त्रैमासिक बैठकें भी अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए।अपर पुलिस अधीक्षक ने स्कूली वाहनों की रैंडम चेकिंग, निर्धारित गति सीमा का पालन और क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाने के निर्देश दिए। बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।एआरटीओ ने स्पष्ट किया कि वैध फिटनेस, बीमा, परमिट, स्पीड गवर्नर और कार्यशील जीपीएस के बिना कोई स्कूली वाहन संचालित नहीं होगा। परमिट समाप्त और अनफिट वाहनों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।बैठक में डीआईओएस, बीएसए, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, थाना प्रभारी और विद्यालय प्रबंधक मौजूद रहे। समिति की बैठक जुलाई, अक्टूबर, जनवरी और अप्रैल में अनिवार्य रूप से होगी। गणपूर्ति के लिए कम से कम पांच सदस्य जरूरी होंगे।