लखनऊ। दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के लखनऊ आगमन पर उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग के वरिष्ठ सदस्य एवं उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कोऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष सरदार परविंदर सिंह के नेतृत्व में छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में सिख समाज से जुड़े कार्यों और सरकार के स्तर पर लिए गए निर्णयों की जानकारी उपराज्यपाल को दी।सरदार परविंदर सिंह ने बताया कि चारों साहिबजादों की शहादत की स्मृति में वीर बाल दिवस मनाने का सुझाव उन्होंने वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा था। वर्ष 2018 में दोबारा आग्रह किया गया। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने इस सुझाव को स्वीकार करते हुए लखनऊ से शासकीय स्तर पर वीर बाल दिवस के आयोजन की शुरुआत कराई। मुख्यमंत्री आवास पर गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश और कीर्तन-गुरबाणी का आयोजन भी कराया गया।उन्होंने बताया कि प्रदेश के कक्षा आठ, नौ और दस के पाठ्यक्रम में श्री गुरु नानक देव जी, श्री गुरु तेग बहादुर जी, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी और चारों साहिबजादों के इतिहास को शामिल किया गया है। वीर बाल दिवस पर विद्यार्थियों के लिए भाषण, निबंध, चित्रकला और प्रश्नोत्तरी जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, इन आयोजनों के जरिए नई पीढ़ी को सिख गुरुओं और साहिबजादों के इतिहास से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है।बैठक में लखनऊ में खालसा चौक के निर्माण तथा प्रदेश के विभिन्न गुरुद्वारों के जीर्णोद्धार और विकास के लिए सरकारी सहायता का भी उल्लेख किया गया। परविंदर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री पिछले वर्षों में सिख गुरुओं के प्रकाश उत्सव, शहीदी पर्व और अन्य अवसरों से जुड़े करीब 100 कार्यक्रमों में सहभागिता कर चुके हैं।इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष को समर्पित स्मृति-चिह्न उपराज्यपाल को भेंट किया। शॉल और पुष्पगुच्छ देकर उनका सम्मान किया गया। इसके बाद गुरुद्वारा यहियागंज के सम्मान समारोह में भी प्रतिनिधिमंडल ने सहभागिता की।प्रतिनिधिमंडल में सरदार तरनजीत सिंह, सरदार हरप्रीत सिंह, सरदार चरणजीत सिंह होरा, सरदार कवलजीत सिंह और सरदार त्रिलोचन सिंह शामिल रहे। परविंदर सिंह ने कहा कि सिख समाज सामाजिक समरसता, धार्मिक सद्भाव और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी जारी रखेगा।