बस्ती। वाल्टरगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, थानाध्यक्ष को हनीट्रैप और डिजिटल ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसाकर मानसिक दबाव में डाला गया, जिसके बाद उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया। रविवार को DIG संजीव त्यागी और SP डॉ. यशवीर सिंह ने प्रेसवार्ता कर मामले की जानकारी दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और एक बोलेरो बरामद होने की बात कही गई है।पुलिस का दावा है कि प्रियंका लोगों से संपर्क बनाकर कथित तौर पर आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड करती थी। इसके बाद वीडियो कॉल और व्हाट्सएप के जरिए ब्लैकमेल कर रकम वसूलने का आरोप है। जांच में कई लोगों से लाखों रुपये की कथित वसूली के साक्ष्य मिलने की बात पुलिस ने कही है।सबसे अहम कड़ी कॉल डिटेल बनी है। पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन आरोपी लगातार सूर्य प्रकाश सिंह के संपर्क में थे और दोपहर 1:41 बजे विजय प्रकाश यादव की अंतिम कॉल हुई थी।पुलिस ने BNS की धारा 108 और 3(5) के तहत दर्ज मुकदमे में तीनों को गिरफ्तार किया है। अब जांच का फोकस इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों पर है।