बढ़नी, सिद्धार्थनगर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बढ़नी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है। अस्पताल परिसर में निर्माण और मरम्मत का कार्य चल रहा है, लेकिन निर्माण के बीच मरीजों की सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों के बैठने तथा प्रतीक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था नजर नहीं आ रही है।स्थानीय लोगों के मुताबिक अस्पताल भवन में तोड़फोड़ और निर्माण कार्य शुरू करने से पहले मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी। इन दिनों बारिश और उमस के बीच अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को अपनी बारी का इंतजार करने के लिए उचित स्थान नहीं मिल पा रहा है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को इससे विशेष परेशानी हो सकती है।अस्पताल परिसर की तस्वीरों में निर्माण कार्य के चलते भवन के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ दिखाई दे रही है। इसके कारण मरीजों के आवागमन के लिए उपलब्ध स्थान भी सीमित नजर आ रहा है। ऐसे में निर्माण क्षेत्र और मरीजों के आवागमन वाले हिस्से के बीच पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि पीएचसी का सीएचसी के रूप में उच्चीकरण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पहल है। इससे भविष्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है। हालांकि निर्माण कार्य के दौरान मरीजों की मौजूदा जरूरतों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि निर्माण एजेंसी के साथ समन्वय कर अस्पताल परिसर में अस्थायी प्रतीक्षालय, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, सुरक्षित आवागमन मार्ग और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही निर्माण स्थल को मरीजों की आवाजाही से अलग रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं।अस्पताल का निर्माण और विस्तार भविष्य की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जरूरी है, लेकिन निर्माण अवधि में मरीजों को असुविधा से बचाना भी स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि विभाग मरीजों की इन समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।