नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर देश के सभी शिक्षकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने महान शिक्षाविद, लेखक और दार्शनिक तथा भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की।राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षक दिवस डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। डॉ. राधाकृष्णन एक महान लेखक और दार्शनिक होने के साथ-साथ अतुलनीय शिक्षक भी थे। राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षक अपने मार्गदर्शन और सहयोग से विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ उन्हें चरित्रवान नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें एक अच्छा इंसान बनाना भी है। समर्पित और संवेदनशील शिक्षक विद्यार्थियों की विशिष्ट क्षमताओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं तथा अपने कार्यों में उत्कृष्टता हासिल करने में सक्षम बनाते हैं।राष्ट्रपति ने शिक्षकों से प्रौद्योगिकी के बदलते दौर के साथ स्वयं को निरंतर अपडेट रखने और शिक्षण की नवीन पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में स्वतंत्र सोच विकसित करने के साथ-साथ उनके भीतर जिज्ञासा की भावना पैदा करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य होना चाहिए।राष्ट्रपति ने देश के सभी समर्पित शिक्षकों के योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कामना की कि शिक्षक अपनी ज्ञान, संवेदना और मार्गदर्शन की शक्ति से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में निरंतर योगदान देते रहें।