विदेशी बचाव टीमों की मदद ठुकराने की बात गलत : नेपाल के विदेश मंत्री
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने विदेशी बचाव टीमों की सहायता का प्रस्ताव ठुकराए जाने संबंधी खबरों को गलत बताया है।
काठमांडू। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने विदेशी बचाव टीमों की सहायता का प्रस्ताव ठुकराए जाने संबंधी खबरों को गलत बताया है। शनिवार को विदेश मंत्रालय में पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने कहा कि नेपाल के कठिन भौगोलिक हालात को देखते हुए नेपाली सुरक्षा एजेंसियों की सलाह के आधार पर विदेशी सहायता लेने के फैसले किए जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित दो प्रमुख जिलों का सड़क संपर्क टूट चुका है और सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने का एकमात्र व्यावहारिक माध्यम फिलहाल हेलीकॉप्टर है। लेकिन ऊंचे पहाड़ों, संकरी घाटियों और कठिन भूगोल के कारण बड़े हेलीकॉप्टरों का संचालन भी आसान नहीं है। भारी उपकरण पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है।खनाल ने कहा कि जरूरत के अनुसार विशेष सहायता के लिए मित्र देशों से लगातार आग्रह किया जा रहा है। सुरंग बचाव अभियान के लिए भारतीय टीम नेपाल पहुंच चुकी है, जबकि चीन की दो टीमें भी आने की तैयारी में हैं।उन्होंने बताया कि बाढ़ के बाद सैकड़ों शव बरामद हुए हैं। पानी में पड़े शवों के तेजी से खराब होने की आशंका को देखते हुए उन्हें सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त फ्रीजिंग सुविधा की जरूरत है। नेपाल की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ी संख्या में शवों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की क्षमता सीमित है। इसलिए विदेशी सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।बाढ़ में करीब 40 पुल नष्ट होने और कई सड़कों के बह जाने से राहत सामग्री, दवाइयां और खाद्यान्न पहुंचाने में कठिनाई हो रही है। प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए हेवी-लिफ्ट ड्रोन उपलब्ध कराने को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग मांगा गया है।
परमात्मा प्रसाद उपाध्याय
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