बढ़नी सिद्धार्थनगर  । युग कृष्णा इंडेन सर्विस बढ़नी बाजार की ओर से गैस वितरण व्यवस्था सामान्य होने का दावा किया गया है, लेकिन एजेंसी द्वारा जारी किए गए संदेश में ही ऐसी कई व्यवस्थाओं का जिक्र है, जो उपभोक्ताओं की परेशानी और अव्यवस्था की तस्वीर सामने लाती हैं। एजेंसी को उपभोक्ताओं को बार-बार ओटीपी, डीएसी, पासबुक, ई-केवाईसी और डिलीवरी को लेकर निर्देश जारी करने पड़ रहे हैं।सबसे बड़ा सवाल गैस बुकिंग की अवधि को लेकर है। एजेंसी के अनुसार नगर और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 25 दिन बाद ही गैस बुकिंग की सुविधा मिलेगी। वहीं डबल बॉटल कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को दूसरे सिलेंडर के लिए 35वें दिन तक इंतजार करना होगा। ऐसे में अचानक गैस खत्म होने की स्थिति में उपभोक्ताओं के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती है।
एजेंसी ने यह भी स्वीकार किया है कि ओटीपी और डीएसी को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं को चेतावनी दी गई है कि वे अपना डीएसी किसी को न बताएं। साथ ही तीन बार कैंसिलेशन संदेश आने तक घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही गई है। 
सवाल यह है कि यदि वितरण व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है तो उपभोक्ताओं को इतनी जटिल प्रक्रिया और सावधानियों से क्यों गुजरना पड़ रहा है?पासबुक और डीएसी दोनों अनिवार्य किए जाने से भी ग्रामीण उपभोक्ताओं के सामने अतिरिक्त परेशानी खड़ी हो सकती है।
 वहीं डिलीवरी मैन के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने की व्यवस्था सोमवार से शुरू करने की बात कही गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि फिलहाल उपभोक्ताओं और डिलीवरी व्यवस्था के बीच सीधा संपर्क पर्याप्त प्रभावी नहीं है।
सबसे गंभीर बात यह है कि संस्था प्रधान प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव ने खुद स्वीकार किया है कि गैस संकट से पहले कुछ कनेक्शन ‘वेटिंग’ या ‘इन प्रोसेस’ में रह गए थे। उन्होंने ऐसे उपभोक्ताओं की समस्या के समाधान की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सूची तैयार करने और सोमवार से संपर्क करने की बात कही है।
ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि व्यवस्था सामान्य हो चुकी है तो पुराने लंबित कनेक्शनों का समाधान अभी तक क्यों नहीं हुआ? उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें आश्वासन से अधिक समय पर गैस, स्पष्ट जानकारी और पारदर्शी वितरण व्यवस्था चाहिए।
अब देखना होगा कि एजेंसी द्वारा घोषित नई व्यवस्था वास्तव में उपभोक्ताओं की परेशानी कम करती है या फिर नियमों और प्रक्रियाओं का बोझ और बढ़ाती है।