काठमांडू। लंबे समय से चल रही राजनीतिक रस्साकशी के बाद बागमती प्रदेश को नया मुख्यमंत्री मिल गया। नवनियुक्त मुख्यमंत्री किरण थापा मगर ने गुरुवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। प्रदेश प्रमुख दीपक प्रसाद देवकोटा ने एक समारोह में उन्हें शपथ दिलाई।मुख्यमंत्री थापा मगर को गुरुवार को ही बागमती प्रदेश का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था। सरकार गठन को लेकर विभिन्न दलों के बीच लंबे समय से बातचीत और राजनीतिक मंथन चल रहा था। अंततः समर्थन जुटने के बाद उनके नाम पर सहमति बनी।थापा मगर को अपनी पार्टी नेकपा एमाले के साथ ही नेकपा और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा) के सांसदों का समर्थन प्राप्त है। बहुमत का समर्थन मिलने के बाद प्रदेश में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हुआ।शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेश के राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, प्रदेशसभा सदस्य और सरकारी अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद थापा मगर के सामने प्रदेश में राजनीतिक स्थिरता कायम करने के साथ विकास कार्यों को गति देने की चुनौती होगी।बागमती प्रदेश की नई सरकार से आम लोगों को बेहतर प्रशासन, प्रभावी सार्वजनिक सेवा, सुशासन और विकास योजनाओं में तेजी की उम्मीद है। सरकार के सामने विभिन्न दलों के बीच समन्वय बनाए रखने के साथ प्रदेश की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने की भी चुनौती रहेगी।मुख्यमंत्री थापा मगर के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार की नीतियों और कार्ययोजना पर अब प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।