उत्तर प्रदेश/ जनपद सिद्धार्थनगर : डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के पिपरा रामलाल गांव में सरकारी जमीन पर किए गए कथित अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। राजस्व और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराते हुए सरकारी भूमि पर बने पक्के निर्माण को ध्वस्त करा दिया। कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।प्रशासन के मुताबिक, गाटा संख्या 1028 की 0.0630 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में खेल के मैदान के रूप में दर्ज है, जबकि गाटा संख्या 1029 की 0.0140 हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज के नाम दर्ज है। प्रशासन का कहना है कि दोनों सरकारी भूखंडों पर मदरसा और मस्जिद का निर्माण कर अतिक्रमण किया गया था।मामला सामने आने के बाद क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार (न्यायिक), डुमरियागंज के न्यायालय में बेदखली की कार्रवाई शुरू की गई थी। प्रशासन के अनुसार, संबंधित पक्ष को सुनवाई और साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर देने के बाद 12 जून 2026 को बेदखली का आदेश पारित किया गया।इसके बाद आदेश के खिलाफ जिलाधिकारी के न्यायालय में अपील की गई। जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद 5 अगस्त 2026 को तहसीलदार (न्यायिक) के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी।इसी न्यायिक आदेश के अनुपालन में मंगलवार को राजस्व और पुलिस टीम गांव पहुंची। प्रशासन ने कब्जे वाले निर्माण को ध्वस्त कराकर दोनों सरकारी भूखंडों को अतिक्रमण मुक्त करा लिया।एडीएम गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि पिपरा रामलाल में दोनों गाटा सरकारी भूमि हैं। न्यायालय से बेदखली के आदेश के बाद पुलिस और तहसील प्रशासन की मौजूदगी में कार्रवाई की गई और सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया।कार्रवाई को लेकर मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रशासन ने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में न्यायालय के आदेश के अनुसार आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी l