काठमांडू। भारत के थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रविवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंच गए। नेपाली सेना के प्रधानसेनापति जनरल अशोकराज सिग्देल के निमंत्रण पर पहुंचे जनरल सेठ का त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल पर नेपाली सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वागत किया। वह एयर इंडिया की उड़ान से शाम करीब 4:15 बजे काठमांडू पहुंचे।नेपाल प्रवास के दौरान जनरल सेठ की प्रधानमंत्री बालेन शाह, जो रक्षा मंत्रालय का दायित्व भी संभाल रहे हैं, तथा नेपाली सेना के प्रधानसेनापति जनरल अशोकराज सिग्देल समेत वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात प्रस्तावित है। इन मुलाकातों में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, सैन्य संबंधों और आपसी हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।नेपाल के राष्ट्रपति एवं नेपाली सेना के परमाधिपति रामचंद्र पौडेल सोमवार को राष्ट्रपति कार्यालय में आयोजित विशेष समारोह में जनरल सेठ को नेपाली सेना के मानद महारथी की उपाधि प्रदान करेंगे। नेपाली सेना के प्रवक्ता राजाराम बस्नेत ने इसकी जानकारी दी है।भारत और नेपाल के सेनाध्यक्षों को एक-दूसरे की सेना का मानद सर्वोच्च सैन्य सम्मान देने की परंपरा दोनों देशों के संबंधों की विशिष्ट पहचान रही है। यह परंपरा 1950 से चली आ रही है। इसके तहत नेपाली सेना के प्रधानसेनापति को भारतीय सेना का मानद जनरल तथा भारतीय थल सेनाध्यक्ष को नेपाली सेना का मानद महारथी बनाया जाता है। इसे दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक सैन्य संबंधों, पारस्परिक सम्मान और मैत्री का प्रतीक माना जाता है।जनरल धीरज सेठ ने 30 जून को भारतीय थल सेनाध्यक्ष का पदभार संभाला था। उनका नेपाल दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों पड़ोसी देशों के बीच सुरक्षा और रक्षा सहयोग को लगातार महत्व दिया जा रहा है। चार दिवसीय यात्रा के दौरान होने वाली उच्चस्तरीय मुलाकातों को द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।