काठमांडू। पांच महीने बाद स्वदेश लौटे नेपाली कांग्रेस के पूर्व सभापति शेरबहादुर देउवा से उम्मीद थी कि उनके लौटने से पार्टी में चल रहा विवाद थमेगा और कांग्रेस एकता की राह पर आगे बढ़ेगी। देउवा ने भी पार्टी, लोकतंत्र और राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए एकजुट होने की अपील की थी। लेकिन हालिया घटनाक्रम ने विवाद बढ़ने के संकेत दिए हैं।देउवा खेमे ने विशेष महाधिवेशन के जरिए गगन थापा को सभापति बनाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। देउवा ने कहा कि पार्टी के विधि-विधान और लोकतांत्रिक पद्धति का पालन जरूरी है। सर्वोच्च अदालत द्वारा विशेष महाधिवेशन और थापा नेतृत्व वाली केंद्रीय कार्यसमिति को मान्यता देने वाले फैसले पर पुनरावलोकन की अनुमति दिए जाने के बाद देउवा पक्ष अब अदालत के अंतिम फैसले की प्रतीक्षा कर रहा है।देउवा समर्थकों को उम्मीद है कि पुनरावलोकन के बाद 14वें महाधिवेशन से निर्वाचित देउवा नेतृत्व वाली कार्यसमिति को वैधता मिल सकती है। हालांकि कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि पुनरावलोकन की प्रक्रिया में समय लग सकता है।इधर थापा पक्ष आगामी अक्टूबर में पार्टी का केंद्रीय महाधिवेशन कराने की तैयारी में है। यदि दोनों पक्ष अपने-अपने फैसले पर कायम रहे तो कांग्रेस में समानांतर गतिविधियां तेज होकर पार्टी के औपचारिक विभाजन का खतरा पैदा कर सकती हैं। हालांकि कुछ नेता अब भी बातचीत के जरिए संकट का समाधान निकालने की उम्मीद जता रहे हैं।