मनरेगा के काम में 88,736 रुपये का खेल, प्रधान समेत चार पर एफआईआर
मनरेगा के काम में 88,736 रुपये का खेल? प्रधान समेत चार पर एफआईआरजांच में छह परियोजनाओं में वित्तीय विचलन का खुलासा, तीन ग्राम विकास अधिकारी भी नामजद
सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश। जोगिया विकासखंड की ग्राम पंचायत हरैया में करीब तीन वर्ष पहले मनरेगा के तहत कराए गए मिट्टी कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच में छह बिंदुओं पर कुल 88,736 रुपये का वित्तीय विचलन पाए जाने का उल्लेख किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर निवर्तमान ग्राम प्रधान समेत चार लोगों के खिलाफ कोतवाली जोगिया उदयपुर में प्राथमिकी दर्ज की गई है।मामले की शिकायत ग्राम निवासी कपिलदेव ने 18 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी से की थी। शिकायत में मनरेगा कार्यों की गुणवत्ता, अभिलेखों और खर्च में कथित गड़बड़ी की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए।जिला उद्यान अधिकारी, सिद्धार्थनगर को जांच अधिकारी बनाया गया, जबकि तकनीकी परीक्षण के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, जोगिया के अवर अभियंता को लगाया गया। जांच टीम ने ग्राम पंचायत में मनरेगा से कराए गए कार्यों और संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया। जांच अधिकारी ने 18 मई 2026 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।रिपोर्ट में मनरेगा से संबंधित छह परियोजनाओं में वित्तीय अंतर का उल्लेख किया गया है। सभी छह बिंदुओं को मिलाकर 88,736 रुपये के विचलन की बात सामने आई। इसके बाद निवर्तमान ग्राम प्रधान अब्दुल कयूम और ग्राम विकास अधिकारी सुभाष चंद्र, आशीष पांडेय तथा अनिल मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की गई।कार्यक्रम अधिकारी/खंड विकास अधिकारी जोगिया रामानंद वर्मा ने 13 अगस्त 2026 को पुलिस को तहरीर दी। तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।सीओ बांसी शुभेंदु सिंह के मुताबिक, पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल मामला पुलिस विवेचना के अधीन है और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
परमात्मा प्रसाद उपाध्याय
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