काठमांडू। भोटेकोशी बाढ़ की त्रासदी के बाद ईशा फाउंडेशन की कैलाश मानसरोवर यात्रा में शामिल 80 लोगों का अब तक पता नहीं चल सका है। इनमें 77 यात्री और तीन स्वयंसेवक शामिल हैं। फाउंडेशन ने शनिवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा कि लापता लोगों के संबंध में फिलहाल कोई नई सूचना नहीं मिली है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक जांच और शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।फाउंडेशन के मुताबिक घटनास्थल की कठिन परिस्थितियों के कारण शवों अथवा व्यक्तियों की पहचान में अभी समय लग सकता है। प्रभावित लोगों के फोटो, व्यक्तिगत विवरण और अन्य जरूरी जानकारियां संबंधित सरकारी एजेंसियों तथा खोज एवं बचाव दलों को उपलब्ध करा दी गई हैं।संस्था ने बताया कि वह नेपाल, भारत और चीन की सरकारी एजेंसियों के अलावा 19 देशों के दूतावासों के साथ लगातार संपर्क में है। सरकारी और कूटनीतिक माध्यमों से मिलने वाली सूचनाएं प्रभावित परिवारों तक पहुंचाने के लिए फाउंडेशन की टीमें सक्रिय हैं।घटनास्थल की सुरक्षा और फॉरेंसिक जांच को देखते हुए चीनी और नेपाली पक्ष ने केरूंग बंदरगाह क्षेत्र में प्रवेश पर कड़ी पाबंदी लगा रखी है। घटनास्थल के आसपास निजी व्यक्तियों अथवा संस्थाओं को जाने की अनुमति नहीं है।स्थानीय समन्वय के लिए नेपाल में करीब 25 स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। वे नेपाल पुलिस, पर्यटक पुलिस, नेपाली सेना, अस्पतालों, शवगृहों और विभिन्न सरकारी कार्यालयों के संपर्क में रहकर खोज, बचाव और पहचान की प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।फाउंडेशन ने बताया कि आठ देशों में संचालित हेल्पलाइन के जरिये प्रभावित परिवारों के सवालों का जवाब दिया जा रहा है। स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर अतिरिक्त सूचनाएं जुटाने का काम भी जारी है।