पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड में भारत का शानदार प्रदर्शन, 39 देशों में तीसरा स्थान
अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता के इतिहास में देश के लिए सर्वश्रेष्ठ पदक उपलब्धि हासिल की है।
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता के इतिहास में देश के लिए सर्वश्रेष्ठ पदक उपलब्धि हासिल की है। भारतीय दल ने कुल छह पदक—तीन स्वर्ण और दो रजत तथा दो कांस्य हासिल किए हैं।सौमिक मंडल (डीएवी मॉडल स्कूल, दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल) ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। उनके प्रदर्शन के चलते भारत ने 39 देशों के बीच समग्र वैश्विक रैंकिंग में तीसरा स्थान हासिल किया।एरन मैती (डीएवी मॉडल स्कूल, आईआईटी-खड़गपुर, पश्चिम बंगाल) ने एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक अपने नाम किया। ऋद्धि रंजन (ज्ञानस्थली इंटरनेशनल स्कूल, पटना, बिहार) ने एक स्वर्ण और एक रजत पदक हासिल किया। वहीं मोहम्मद एहतेषाम रिजवी (जवाहर नवोदय विद्यालय, बिहार) ने एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर भारतीय टीम की सफलता में योगदान दिया।पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार ने भारतीय दल की उपलब्धि की सराहना करते हुए छात्रों और उनके मार्गदर्शकों को बधाई दी। उन्होंने प्रतियोगिता के इतिहास में भारत के सर्वाधिक पदक हासिल करने पर टीम की प्रशंसा की।अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड तक पहुंचने के लिए छात्रों को कठिन राष्ट्रीय चयन और प्रशिक्षण प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के आउटरीच एवं जागरूकता कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें करीब 17,800 छात्रों ने देशभर के 500 केंद्रों पर भाग लिया।इसके बाद शीर्ष 25 मेधावी छात्रों ने जून 2026 में गुजरात के वडोदरा स्थित एमएस यूनिवर्सिटी में तीन सप्ताह के गहन प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया।मंत्रालय के अनुसार, पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड के साथ डीप ओशन मिशन, मिशन मौसम और PRITHVI जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं में वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाने और भूवैज्ञानिकों व शोधकर्ताओं की अगली पीढ़ी तैयार करने के प्रयास लगातार जारी हैं।
परमात्मा प्रसाद उपाध्याय
टिप्पणियां
टिप्पणी करने के लिए रीडर लॉगिन करें।