काठमांडू। नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह आई भीषण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचा दी है। राष्ट्रीय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन प्राधिकरण के अनुसार अब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 359 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी संपर्कविहीन हैं।प्राधिकरण के मुताबिक प्रभावित क्षेत्रों से 796 लोगों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित निकाला गया है। गुरुवार सुबह से जीवित लोगों के साथ मृतकों की तलाश, शवों के उद्धार और राहत वितरण अभियान को तेज कर दिया गया है।आंकड़ों के अनुसार 910 नेपाली नागरिक, 517 विदेशी नागरिक और विदेशों में रहने वाले 127 नेपाली नागरिक अब तक संपर्कविहीन हैं। ऐसे में कुल 1,554 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।बाढ़ से नुवाकोट के देविघाट, त्रिशूली और ढुंगे बाजार समेत कई क्षेत्रों में घर, सड़क और अन्य संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। स्थानीय लोग मलबे में अपने सामान और अपनों की तलाश कर रहे हैं।विदुर स्थित मैथली आर्मी प्रशिक्षण केंद्र में लापता लोगों के परिजन अपने प्रियजनों की जानकारी के लिए पहुंचे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और मानवीय सहायता पहुंचाने का अभियान जारी है।फ्रस्ट क्लिप न्यूज चैनल | काठमांडूनेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह आई भीषण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचा दी है। राष्ट्रीय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन प्राधिकरण के अनुसार अब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 359 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी संपर्कविहीन हैं।प्राधिकरण के मुताबिक प्रभावित क्षेत्रों से 796 लोगों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित निकाला गया है। गुरुवार सुबह से जीवित लोगों के साथ मृतकों की तलाश, शवों के उद्धार और राहत वितरण अभियान को तेज कर दिया गया है।आंकड़ों के अनुसार 910 नेपाली नागरिक, 517 विदेशी नागरिक और विदेशों में रहने वाले 127 नेपाली नागरिक अब तक संपर्कविहीन हैं। ऐसे में कुल 1,554 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।बाढ़ से नुवाकोट के देविघाट, त्रिशूली और ढुंगे बाजार समेत कई क्षेत्रों में घर, सड़क और अन्य संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। स्थानीय लोग मलबे में अपने सामान और अपनों की तलाश कर रहे हैं।विदुर स्थित मैथली आर्मी प्रशिक्षण केंद्र में लापता लोगों के परिजन अपने प्रियजनों की जानकारी के लिए पहुंचे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और मानवीय सहायता पहुंचाने का अभियान जारी है।