नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर NEET प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता से कथित मारपीट के मामले में दिल्ली की अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज की न्यायिक हिरासत 21 सितंबर तक बढ़ा दी है। सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललर ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।पुलिस के अनुसार, भारद्वाज को चार सितंबर को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली लाए जाने के बाद उनसे पूछताछ की गई। इससे पहले अदालत ने उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। मामला जंतर-मंतर पर जून में हुए प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है।मामले ने उस समय तूल पकड़ा, जब भारद्वाज का एक वीडियो पॉडकास्ट सामने आया। इसमें उन्होंने कथित तौर पर प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता पर हमला करने की बात कही थी। वीडियो सामने आने के बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हुई। हालांकि, भारद्वाज ने अपने बचाव में आत्मरक्षा का दावा किया है।जांच के दौरान पुलिस ने प्राथमिकी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आपराधिक धमकी से संबंधित प्रावधान भी जोड़े हैं। छात्र कार्यकर्ता की शिकायत पर कथित ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न के संबंध में पॉक्सो अधिनियम के तहत अलग मामला दर्ज किए जाने की भी बात सामने आई है।इधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को भारद्वाज की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि न्यायिक हिरासत को चुनौती देने के लिए संबंधित अदालत उचित मंच है।अब मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 21 सितंबर है, जब भारद्वाज को फिर अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले की जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
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