नई दिल्ली, 1 सितम्बर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहकारी संघवाद के विजन को साकार करने की दिशा में जल शक्ति मंत्रालय ने 1 और 2 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में अपना पहला विभागीय शिखर सम्मेलन आयोजित किया है। सम्मेलन का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जल सुरक्षा तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्यों को गति देना है।‘टीम इंडिया’ की भावना से आयोजित इस सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के राजनीतिक नेतृत्व के साथ वरिष्ठ अधिकारी भाग लें रहे है। इसमें क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर संयुक्त चर्चा, कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान, क्रियान्वयन की चुनौतियों का समाधान तथा समयबद्ध कार्ययोजनाओं पर सहमति बनाने पर जोर दिया  जाएगा।दो दिवसीय सम्मेलन के चार प्रमुख विषय —जल अवसंरचना परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन, जल संचय-जन भागीदारी एवं ‘कैच द रेन’, पेयजल स्रोतों की स्थिरता तथा जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ग्रामीण पेयजल योजनाओं का संचालन एवं रखरखाव है।बैठक में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, डिजिटल निगरानी, परिसंपत्ति प्रबंधन और समुदाय आधारित जल शासन जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा।सम्मेलन के समापन सत्र में सहभागी राज्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रमुख निष्कर्ष और प्रस्तावित कार्ययोजनाएं प्रस्तुत करेंगे। सरकार को उम्मीद है कि सम्मेलन से केंद्र-राज्य सहयोग और साझा जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी तथा जल क्षेत्र की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।